आयुष्मान भारत योजना का लाभ सभी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना

आयुष्मान भारत योजना
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना, भारत सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा पहल है, जिसका उद्येश्य कमजोर वर्गों को सुविधा प्रदान करना है, फिर चाहे वो किसी भी वर्ग के हो । यह योजना मुख्य रूप से वंचित ग्रामीण परिवारों और व्यावसायिक श्रेणियों के लिए है जो चिकित्सा सेवाओं की सुविधाओ से वंचित रह जाते है। इसमे सरकार बीमार व्यक्ति का खर्चा खुद उठाती है जिनके पास धन की कमी होती है ।

योजना के मुख्य उद्देश्य
इसे वित्त वर्ष 2025 के पूर्ण वर्ष के बजट में शामिल किया जा सकता है। मोदी द्वारा 2018 में शुरू की गई एबी-पीएमजेएवाई दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, आयुष्मान भारत योजना उद्देश्य 12 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों को सुविधा देना है। सरकार अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती है, जिसमें लगभग 55 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं, जो भारतीय आबादी के निचले 40% हिस्से के नीचे आते है ।

आयुष्मान भारत योजना

लाभार्थियों के लिए पात्रता मानदंड
सबसे पहले, लाभार्थियों को सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) डेटा की श्रेणियों के अंतर्गत आना चाहिए। इसके अलावा, उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है जहां विकलांग व्यक्ति, वरिष्ठ नागरिक और महिला प्रधान घर हैं। आयुष्मान भारत योजना में, लाभार्थियों के पास अपने नाम पर कोई मोटर चालित वाहन या मशीनीकृत कृषि उपकरण नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, चालू लैंडलाइन फोन, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन रखने वाले या कंक्रीट के घरों में रहने वाले परिवारों को इस योजना से बाहर रखा गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए योजना का लाभ
ग्रामीण लोग इस योजना के तहत घुटने या कूल्हे के प्रत्यारोपण और जन्मजात हृदय रोग जैसी सर्जरी शामिल है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस योजना के दायरे का विस्तार करने की योजना बना रहा है, जिसमें अधिक महंगी कैंसर और प्रत्यारोपण से संबंधित सर्जरी और उपचार शामिल होंगे जिसका पूरा खर्चा सरकार उठाएगी ।

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